शैक्षिक

प्रभाग - भौतिकीय एवं गणितिकीय

गणितकीय तथा भौतिकीय विज्ञान प्रभाग  - संस्थान के छह प्रभागों में से एक है । इसमें निहित हैं – भौतिकी विभाग, उपकरण विभाग, गणितिकी विभाग,उच्च ऊर्जा भौतिकी केन्द्र, तत्कालीन अध्ययन केन्द्र (निम्नताप) / हिमांकजनकीय प्रौद्योगिकी केन्द्र

भौतिकी विभाग की स्थापना 1933 में प्रो. सी वी रामन द्वारा की गई थि । यह मूलतः स्वतः प्रकाशिकी एवं वर्णक्रमदर्शी में अनुसंधान का अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में स्थापित  था । अब यह संघनित पदार्थ भौतिकी में तथा जैव स्फटिक विज्ञान के विशाल क्षेत्रों में अनुसंधान का संचालन करता है । इसके पास खगौलिकी एवं खगौलभौतिकी में अंतर संस्थानगत कार्यक्रम भी हैं । इसे एक उन्नत अध्ययन के मान्यता प्राप्त केन्द्र के रूप में पहचाना गया है ।

उपकरण विभाग को विद्युन्मानीय उपकरणन में विशेषज्ञता प्राप्त है । इसने भारी मात्रा में उद्योगों की आवश्यकता को पूरा किया है । इस विभाग द्वारा विकसित फ़िल्म लेपनों का उपयोग, रक्षा, वायुयान तथा यहाँ तक कि त्रय जैविकीय तंत्रों जैसे घडि़यों में भी किया गया है ।

हिमांकजनिक प्रौद्योगिकी केन्द्र संस्थान के तथा बाहर के उपयोगकर्ताओं को द्रव नाईट्रोजन तथा द्रव हिलियम उपलब्ध कराने का कार्य करता है । इस सुविधा का ऐसा अद्वितीय कीर्तिमान निहित है जो ऐसे अतिजालक चुंबकों के लिये समर्थन (सहारा) प्रदान करता है जिसे देशभर में निर्धारित अवधि के भीतर ही निरंतरता स्थिति में रखा गया है । इसने ऐसे प्रौद्योगिकीय प्रायोजनाओं को अपना लिया है जैसे अति चालकता उत्पादक के लिये स्थानांतरण युग्मन, क्रायोजनिक आधानों (कंटेनरों) का विकास आदि ।

उच्च ऊर्जा भौतिकी केन्द्र 2004 में अस्तित्व में आया । इस केन्द्र के सदस्य सैद्धांतिक उच्च ऊर्जा भौतिकी केन्द्र के प्रमात्रा क्षेत्र सिद्धांत तथा गणितीय भौतिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान का कार्य करते हैं । संकाय सदस्य समेकित पीएच. डी. कार्यक्रम (जिसे भौतिकी विभाग एवं सीएचईपी द्वारा संयुक्त रूप में संचालित किया जाता है) तथा नियमित पीएच. डी. कार्यक्रम के अंश के रूप से पाठ्यक्रमों को पढ़ाते हैं ।

तत्कालीन अध्ययन केन्द्र – 2004 में अस्तित्व में आया है । संगोष्ठियों की श्रेणियाँ, व्याख्यानों के आयोजन द्वारा, तथा आगंतुक विद्वानों के निरंतर आगमन को बनाये रखने के द्वारा, यह केन्द्र, परिसर पर अत्युत्तम छात्रवृत्तियों के नमूनों का अनुभव करने तथा प्रकृति विज्ञान की पारंपरिक सीमाओं बाहरी सृजनात्मकता नमूनों का अनुभव वैज्ञानिक समुदाय को अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखता है ।

गणितिकी विभाग – बीज गणित, स्थान विज्ञान, अरेखीय प्रणालियों, द्रव गतिकी, कार्यात्मक सिद्धांत अदि विशुद्ध एवं अनुप्रयुक्त गणितिकी के सभी क्षेत्रों में अनुसंधान एवं अध्यापन का कार्य करता है ।

इस अनुभाग में