शैक्षिक

प्रभाग – यांत्रिकीय

यांत्रिकीय विज्ञान प्रभाग में 6 विभाग तथा 12 केन्द्र निहित हैं तथा यह भारतीय विज्ञान संस्थान का सबसे बड़ा प्रभाग रहा है । इसके अनेकों एककों को द्वितीय विश्व युद्ध की आवश्यकताओं की अनुमति के परिणामस्वरूप चौथे दशक में स्थापित किया गया है । इस प्रकार, अंतरिक्ष अभियांत्रिक विभाग की स्थापना 1942 में की गई है तथा बेंगलूर में अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं तथा उद्योगों के साथ इसका सहजीवी संबंध रहा है ।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कक्ष का अंतरापृष्ठ भारतीय अंतरिक्ष संगठन के साथ अंतरापृष्ठ निहित है, जबकि संयुक्त उन्नत प्रौद्योगिकी कार्यक्रम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ एक सेतु के रूप में विस्तरित हुआ है । पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग की स्थापना 1945 में की गई है तथा धातुकर्मीय एवं पदार्थ अभियांत्रिकी में अनुसंधान के लिये दुर्जेय केन्द्र के रूप में विकसित हो गया है । यांत्रिकीय अभियांत्रिकी एवं रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, अपने – अपने विशेषज्ञता के क्षेत्रों में प्रसिद्धि प्राप्त की है । उत्पाद अभिकल्प एवं निविर्माण के लिये एक नया केन्द्र वर्ष 1998 में केन्द्रीय कार्यशाला के पुनर्अभियांत्रिकीकरण द्वारा अस्तित्व में आ गया है ।

अनुसंधान विशिष्टताओं में निम्न-निहित हैं :-

पवन सुरंगन अध्ययन, विमान (वायुयान) संरचनाएँ, संगणनात्मक द्रव गतिकी, अस्थिर वायु गतिकी, जल संसाधन प्रबंधन के साथ – साथ बहु जलाशय, सूक्ष्मकोशिकीय मृत्तिका की पारगम्यता, अर्ध-भंगुर भवन सामग्रियाँ, उन्नत विनिर्माण हेतु त्वरित आदि प्रारूपण, तांत्रिक ध्वनिकी केन्द्र पर उद्योगों में शोर उपशमन, स्वर्ण के जीवाणुवीय विरंजन, लौह निर्माण के नवीनतर पद्धतियों का प्रतिरूपण, गतिकीय पदार्थ प्रतिरूपण, नवल पदार्थों तथा संयुक्तों का विकास, विक्षोभ के अध्ययन, मानसून अपरूपण, साँचा जेल, नाभिकरण, कणिकीय घन पदार्थ, रियाक्टर (अभिकर्मक) प्रतिरूपण, बहुलक प्रक्रियन, तथा प्रौद्योगिकी प्रबंध ।

यहाँ पर यह ध्यान दिया जाता है कि तीक्ष्ण अभियांत्रिकी विज्ञान तत्वों का अन्वयन संरचना – यांत्रिकी में रुचि / हित की व्यावहारिक समस्याओं के लिये किया जाता है । यह स्वरग्राम (सप्तक) ही नानो मान संरचना से ऑटोमोबाइल (वाहनों) के घटक (उपकरणों) तक, तथा वायुयान (विमान) एवं प्रक्षेपास्त्र से भारी सिविल संरचनाओं तक व्याप्त है । इस्पात परिवर्तित, रक्त वाहिनियों, वातावरण एवं सागरों में द्रव बहाव गतिकियों का मानचित्रण कर लिया गया है ।

इस अनुभाग में