शैक्षिक

प्रभाग – रासायनिक

सासायनिकी एक ऐसे केन्द्रीय विज्ञान रहा है जो दैनंदिन जीवन के सभी पहलुओं पर अतिक्रमण करनेवाला है । रासायनिकी प्रभाग की दीर्घ तथा संपन्न अनुसंधान की परंपरा, संस्थान के संस्थापन के समय से रही है तथा अनेकों दशकों से देश भर में, रासायनिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास में एक प्रमुख पात्र लिया गया है । प्रभाग में निहित हैं – चार विभाग तथा उत्कृष्टता केन्द्र जो CSIR द्वारा सहायित हैं, तथा परिष्कृत उपकरण सुविधा जो उच्च क्षेत्र NMR वर्णक्रममापियों से तथा विद्युदणु सूक्ष्मदर्शी से युक्त है । प्रभाग के अनुसंधान कार्यकलापों में व्याप्त हैं – आधुनिक अजैविक, जैविक भौतिकीय, सैद्धांतिक तथा घन-अवस्था रासायनिकी साथ ही पदार्थ विज्ञान के सभी पहलू । प्रभाग के नामांकन (की पंजी) में 45 संकाय सदस्य तथा 180 से भी अधिक अनुसंधान विद्वान तथा डॉक्टरोत्तर अधिसदस्य निहित हैं । संकाय द्वारा प्रति वर्ष 150 से अधिक अनुसंधानात्मक लेख प्रकाशित किये जाते हैं ।

प्रभाग के संकायों द्वारा सतह – रासायनिकी, संश्लेषण, तथा नवल अजैविक घन पदार्थों के भौतिक गुण-धर्म, नानो धातु-रासायनिकी, समन्वयन एवं जैव-धात्विक रासायनिक, जैव-प्रकाश रासायनिकी, प्राकृतिक उत्पाद, स्थूल आण्विक रासायनिकी तथा प्रयोगात्मक एवं सैद्धांतिक विद्युत – रासायनिकी पर अग्रणी कार्य किये जा रहे हैं । इस प्रभाग में, देशभर में अत्युत्तम सतह विज्ञान प्रयोगालय स्थित है तथा प्रकाश विद्युदणु वर्णक्रमदर्शी का कार्य करने की सुविधाएँ हैं, बेधनी वर्णक्रमदर्शी, विद्युदणु ऊर्जा क्षति वर्णक्रमदर्शी, तथा क्ष-किरण वर्णक्रमदर्शी । प्रयोगात्मक एवं सैद्धांतिक कार्यकलापों के बीच की निकट अंतर्क्रियाओं ने दोनों को संपन्न बना दिया है तथा अनेकों आण्विक तथा घन अवस्था चमत्कारों को समझ लेने में परिणत हुए हैं ।

मूलभूत अनुसंधान के प्रति महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ अनेकों अनुप्रयुक्त क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान उभर आये हैं जिन्होंने ऐसे प्रौद्योगिकियों के स्थानांतरण को अग्रसर किया है जैसे – विद्युन्मानीय श्रेणी के सिलिकॉन तथा सिलिकॉन आधारित सागग्रियों, स्रंदीप्त फॉस्फर्स, तथा विद्युन्मानीय सेरामिक्स (मृत्तिका) तथा औषध अणुओं का अभिकल्प।

वर्तमान अनुसंधान कार्यकलाप का ध्यान ऐसे अनेकों सीमांत एवं विज्ञान की अंतर्शाखाओं पर केन्द्रीकृत है जैसे – लेज़र वर्णक्रमदर्शी, रासायनिक गतिकी, जैवधात्विकी, कार्यात्मक बहुलक, अधिआण्विक रासायनिकी, परिष्कृत (तेज) पदार्थ, तथा चुंबकीय अनुनाद प्रतिबिंबन। इन क्षेत्रों में मूलभूत अन्वेषण प्रभाग के संकायों को न केवल अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अग्र पंक्ति में रहने में समर्थ बना देता है बल्कि ऐसी परियोजनाओं के निर्माण में भी जिनमें पर्याप्त अन्वयन संभावनाएँ होती हैं ।

इस अनुभाग में